सभी पाठकों को मेरा हाथ जोड़कर नमन।
मित्रों जीवन में यात्राएं तो बहुत की हैं लेकिन उनकी यादें केवल मेरे मस्तिष्क तक ही सीमित रह गई है।
आगे आने वाले समय में अपने जीवन की सभी यात्राओं का वृतांत छोटी-छोटी किस्तों के रूप में आप सभी मित्रों के आगे प्रस्तुत करूंगा ।
मित्रों से मेरा निवेदन है अगर कहीं कोई त्रुटि रह जाए तो उसके बारे में मुझे बताकर मेरा प्रोत्साहन बढ़ाये ।